1. हर आहट में तेरा एहसास, याद और बेइंतहा मोहब्बत की शायरी हर आहट में तेरा एहसास तलाशता हूं, हर ख़ामोशी में तेरा नाम पुकारता हूं। मालूम है कि तू शायद अब मेरा नहीं, फिर भी तुझसे मोहब्बत आज भी बेइंतहा करता हूं। 2. तिरछी निगाहों का जादू, हुस्न की तारीफ़ शायरी तिरछी निगाहों से लुट लेती हो, बिना कुछ कहे दिल जीत लेती हो। तेरी एक मुस्कान का ऐसा असर है, हर धड़कन पर अपना हक़ लिख देती हो। 3. तेरे बग़ैर ज़िंदगी अधूरी, जुदाई और तड़प की शायरी अकेले गुज़ारा मुमकिन नहीं है, तेरे बग़ैर कोई आसरा नहीं है। ज़िंदगी तो बस रस्म-ए-हयात निभा रही है, मगर तेरे बिना इस दिल को सुकून-ओ-क़रार नहीं है। 4. हाल-ए-दिल का इज़हार, सच्चे इश्क़ की शायरी अपना हाल-ए-दिल बताया करो, यूं ख़ामोशियों में न सताया करो। हम भी शामिल हैं तेरी दुआओं में, कभी हमें भी अपना बनाया करो। 5.मोहब्बत ज़बरदस्ती नहीं होती, दर्द और रुख़्सती की शायरी नहीं है मोहब्बत तो छोड़ो, जाने दो, झूठे वादों का सिलसिला अब थम जाने दो।इश्क़ दिल से होता है, मजबूरी से नहीं, जिसे रुख़्सत होना है, उसे रुख़्सत हो ...
खुद को खुशनसीब समझने लगा था सच्ची मोहब्बत का भरोसा दिया फिर एक झटके में सब कुछ खत्म हो गया जब मालूम हुआ झूठे वादों में धोखा दिया
उसके झूठे इरादों से ख्वाबों की महफिल उजड़ गई आंखों से आंसुओं की धार निकल गई तलाश में दिन-रात गलियों के चक्कर लगा रहा था सारी मेहनत बेकार निकल गई
सच्ची मोहब्बत के बदले धोखा मिला अपनी खता ढूंढते हैं मेरा खुद से भरोसा उठ गया है आजकल हकीकत का पता ढूंढते हैं
वह बेवफा हो गई खामोश रहते हैं किसी से अपने दिल का दर्द बयां कर नहीं पाते है क्योंकि अपनी तौहीन बर्दाश्त कर नहीं पाएंगे
मेरे मुकद्दर में प्यार लिखा ही नहीं है वरना सारी मेहनत बेकार नहीं जाती वह करीब रहने का हजार वादा करके दूर नहीं जाती
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